शैव धर्म

शैव धर्म

शिव भक्ति के विषय में प्रारम्भिक जानकारी सिन्धु घाटी में मिलती है। इसके पुरातात्विक साक्ष्य हड़प्पा से शिवलिंग उपासना के रूप में प्राप्त होते हैं। ऋग्वेद में शिव के लिए ‘रुद्र देवता‘ नाम का उल्लेख किया गया है। महाभारत में लिंग पूजा का उल्लेख है, इस काल में शिव को एक प्रमुख देवता के रूप … Read more

वैदिक सभ्यता

वैदिक सभ्यता

सिंधु सभ्यता के बाद जो नवीन संस्कृति विकसित हुई, उसके विषय में हमें विस्तृत जानकारी वेदों से प्राप्त होती है। इसी कारण इस काल को वैदिक सभ्यता कहा जाता है। वैदिक काल को सामान्यतः दो भागों में विभाजित किया गया है— ऋग्वैदिक काल (1500–1000 ई.पू.) उत्तर वैदिक काल (1000–600 ई.पू.) 1. ऋग्वैदिक काल (1500–1000 ई.पू.) … Read more

मौर्य साम्राज्य

मौर्य साम्राज्य

मौर्य साम्राज्य (322 ई.पू.–185 ई.पू.) मौर्य राजवंश की साहित्यिक स्रोतों से जानकारी— (1) ब्राह्मण साहित्य के अनुसार — शूद्र (2) जैन व बौद्ध साहित्य के अनुसार — क्षत्रिय (3) ‘मुद्राराक्षस’ के अनुसार — वृषल (निम्न ग्रेड) (4) रोमिला थापर के अनुसार — वैश्य (5) सर्वाधिक मान्य मत — क्षत्रिय चन्द्रगुप्त मौर्य (322 ई.पू.–298 ई.पू.) का … Read more

महाजनपदों का उदय

महाजनपदों का उदय

छठी शताब्दी ई.पू. में पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बिहार में लोहे का अधिकाधिक इस्तेमाल होने लगा, इसके अतिरिक्त उपज में वृद्धि तथा अन्य आर्थिक परिवर्तनों के कारण ऋग्वैदिक कबीलायी जनजीवन में दरार पड़ने लगी और क्षेत्रीय भावना के जागृत होने से नगरों का निर्माण होने लगा। बुद्ध के समय (जन्म से पूर्व) 16 महाजनपदों … Read more

मगध राज्य का उदय

मगध राज्य का उदय

मगध राज्य के उत्कर्ष में मुख्यतः तीन वंशों का योगदान रहा— हर्यक वंश शिशुनाग वंश नंद वंश यह मगध का सबसे प्राचीन वंश था। इसके संस्थापक बृहद्रथ थे और जरासंध बृहद्रथ का पुत्र था। इसकी प्रारम्भिक राजधानी गिरिव्रज (राजगृह) थी। मगध राज्य के आरम्भिक इतिहास की जानकारी महाभारत से मिलती है। हर्यक वंश (544 ई.पू.–412 … Read more

शाक्त धर्म

Shaktism

शाक्त धर्म हिंदू धर्म की एक प्रमुख परंपरा है, जिसमें शक्ति (देवी) को सर्वोच्च शक्ति माना जाता है। इसमें देवी को सृष्टि की मूल ऊर्जा और ब्रह्मांड की जननी माना जाता है। 🔹 मुख्य देवी Durga Kali लक्ष्मी सरस्वती 🔹 मुख्य मान्यता देवी ही सृष्टि की रचयिता, पालनकर्ता और संहारकर्ता हैं। शक्ति (ऊर्जा) के बिना … Read more

भागवत धर्म (वैष्णव धर्म)

Bhagavata Religion

भागवत धर्म का उद्भव मौर्योत्तर काल में हुआ। इस धर्म के संबंध में प्रारम्भिक जानकारी उपनिषदों से प्राप्त होती है। वैष्णव धर्म के संस्थापक वासुदेव कृष्ण माने जाते हैं। छान्दोग्य उपनिषद् में श्रीकृष्ण का प्रथम उल्लेख मिलता है। वहाँ उन्हें वृष्णि वंशीय यादव कुल का नेता, देवकी का पुत्र तथा अंगीरस का शिष्य बताया गया … Read more

बौद्ध धर्म

Buddhism

बौद्ध धर्म की स्थापना गौतम बुद्ध ने की थी। (संस्थापक) गौतम बुद्ध का जन्म 563 ई.पू. नेपाल की तराई में स्थित कपिलवस्तु के लुम्बिनी ग्राम में ‘शाक्य कुल’ में हुआ। इनकी माता का नाम ‘महामाया’ (कोलिय वंश) था तथा इनके पिता का नाम ‘शुद्धोधन’ था, जो शाक्य कुल के प्रधान थे। गौतम के जन्म के … Read more

प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत

प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत

प्राचीन भारत के इतिहास को जानने के लिए मुख्य रूप से तीन स्रोतों का उपयोग किया जाता है: पुरातात्विक स्रोत साहित्यिक स्रोत (धार्मिक एवं लौकिक साहित्य) विदेशी यात्रियों के विवरण                                               पुरातात्विक स्त्रोत अभिलेख पुरातात्विक स्रोतों के अंतर्गत सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण स्रोत अभिलेख है। अभिलेख पाषाण शिलाओं, स्तम्भों, ताम्रपत्रों, दीवारों तथा मुद्राओं पर उत्कीर्ण हैं तथा अभिलेखों … Read more

प्रागैतिहासिक काल (प्राक् + इतिहास)

प्रागैतिहासिक काल

प्रागैतिहासिक काल को ‘प्रस्तर युग’ भी कहते हैं। भारत में पाषाणकालीन सभ्यता की खोज सर्वप्रथम 1863 ई. में हुई, जब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के विद्वान रॉबर्ट ब्रूस फुट ने ‘पल्लवरम’ (मद्रास) से पूर्व-पाषाण कालीन उपकरण (पत्थर की हाथ की कुल्हाड़ी) प्राप्त किया। तुरान मध्य एशिया में स्थित प्रागैतिहासिक मानव बस्ती, ऐतिहासिक भौगोलिक क्षेत्र या … Read more