बिहार बोर्ड कक्षा 10 हिंदी में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए गद्य और पद्य के साथ व्याकरण की तैयारी भी बहुत जरूरी है। हिंदी व्याकरण ऐसा भाग है जिसमें नियमों को समझकर और नियमित अभ्यास करके विद्यार्थी कम समय में अपनी तैयारी मजबूत कर सकते हैं।
इस Bihar Board Class 10 Hindi Grammar Complete Course में संधि, समास, उपसर्ग-प्रत्यय, वाक्य शुद्धि, मुहावरे, लोकोक्तियाँ, पर्यायवाची, विलोम, अलंकार, पत्र लेखन, निबंध लेखन, अपठित गद्यांश, अपठित पद्यांश और विराम चिह्न को आसान भाषा में समझाया गया है।
प्रत्येक महत्वपूर्ण विषय के बाद अभ्यास प्रश्न और उनके उत्तर भी दिए गए हैं। इससे विद्यार्थी केवल नियम पढ़ेंगे ही नहीं, बल्कि स्वयं प्रश्न हल करके अपनी तैयारी की जाँच भी कर पाएँगे।
विद्यार्थी परीक्षा की पूरी रूपरेखा समझने के लिए पहले BSEB Class 10 Syllabus 2027 भी देख सकते हैं। इसके बाद इस grammar course को topic-wise पूरा करें।
Bihar Board Class 10 Hindi Grammar Course Overview
विवरण | जानकारी |
बोर्ड | बिहार विद्यालय परीक्षा समिति |
कक्षा | 10वीं अथवा मैट्रिक |
विषय | हिंदी व्याकरण |
भाषा | हिंदी |
कोर्स का स्तर | Basic से Advanced |
प्रश्नों का प्रकार | Objective, Short Answer और Worksheet |
प्रमुख विषय | संधि, समास, अलंकार, मुहावरे, लेखन कौशल |
उपयोग | स्कूल परीक्षा, मॉडल पेपर और बोर्ड परीक्षा |
अभ्यास सामग्री | Topic-wise questions with answers |
Bihar Board Class 10 Hindi Grammar में क्या-क्या पढ़ना चाहिए?
कक्षा 10 हिंदी व्याकरण की तैयारी करते समय विद्यार्थियों को निम्न विषयों का अध्ययन करना चाहिए:
- संधि और संधि-विच्छेद
- समास और समास-विग्रह
- उपसर्ग एवं प्रत्यय
- वाक्य शुद्धि
- मुहावरे और लोकोक्तियाँ
- पर्यायवाची शब्द
- विलोम शब्द
- अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
- अलंकार
- विराम चिह्न
- पत्र लेखन
- निबंध लेखन
- अनुच्छेद लेखन
- अपठित गद्यांश
- अपठित पद्यांश
यह पूरा कोर्स विद्यार्थी को नियम समझने, उदाहरण पहचानने और परीक्षा में सही उत्तर लिखने में सहायता करेगा।
संधि क्या है?
दो वर्णों के पास-पास आने पर उनके मेल से होने वाले परिवर्तन को संधि कहते हैं।
उदाहरण:
विद्या + आलय = विद्यालय
यहाँ “आ” और “आ” के मिलने से “आ” हो गया। दो शब्दों के मेल से बने शब्द को वापस अलग करना संधि-विच्छेद कहलाता है।
विद्यालय = विद्या + आलय
संधि के प्रमुख भेद
संधि के मुख्यतः तीन भेद होते हैं:
- स्वर संधि
- व्यंजन संधि
- विसर्ग संधि
स्वर संधि
जब दो स्वरों के मेल से वर्ण में परिवर्तन होता है, तो उसे स्वर संधि कहते हैं।
स्वर संधि के प्रमुख भेद हैं:
- दीर्घ संधि
- गुण संधि
- वृद्धि संधि
- यण संधि
- अयादि संधि
दीर्घ संधि
जब समान या सवर्ण स्वर मिलकर दीर्घ स्वर बनाते हैं, तो उसे दीर्घ संधि कहते हैं।
उदाहरण:
- विद्या + आलय = विद्यालय
- हिम + आलय = हिमालय
- धर्म + अर्थ = धर्मार्थ
- गिरि + ईश = गिरीश
- भानु + उदय = भानूदय
गुण संधि
जब अ या आ के बाद इ, ई, उ, ऊ अथवा ऋ आए, तो उनके मेल से क्रमशः ए, ओ और अर् हो जाता है।
उदाहरण:
- नर + इंद्र = नरेंद्र
- महा + ईश = महेश
- पर + उपकार = परोपकार
- महा + उत्सव = महोत्सव
- देव + ऋषि = देवर्षि
वृद्धि संधि
जब अ या आ के बाद ए या ऐ आए तो “ऐ” तथा ओ या औ आए तो “औ” हो जाता है।
उदाहरण:
- सदा + एव = सदैव
- मत + ऐक्य = मतैक्य
- महा + औषधि = महौषधि
- वन + औषधि = वनौषधि
यण संधि
इ, ई, उ, ऊ और ऋ के बाद भिन्न स्वर आने पर ये क्रमशः य्, व् और र् में बदल जाते हैं।
उदाहरण:
- अति + अधिक = अत्यधिक
- प्रति + एक = प्रत्येक
- सु + आगत = स्वागत
- अनु + एषण = अन्वेषण
- पितृ + आज्ञा = पित्राज्ञा
व्यंजन संधि
जब किसी व्यंजन के बाद स्वर या व्यंजन आने से व्यंजन में परिवर्तन होता है, तो उसे व्यंजन संधि कहते हैं।
उदाहरण:
- सत् + जन = सज्जन
- जगत् + नाथ = जगन्नाथ
- उत् + चारण = उच्चारण
- दिक् + गज = दिग्गज
- तत् + लीन = तल्लीन
विसर्ग संधि
जब विसर्ग के बाद स्वर या व्यंजन आने पर विसर्ग में परिवर्तन होता है, तो उसे विसर्ग संधि कहते हैं।
उदाहरण:
- मनः + हर = मनोहर
- यशः + दा = यशोदा
- निः + आशा = निराशा
- निः + धन = निर्धन
- दुः + जन = दुर्जन
संधि पहचानने की आसान ट्रिक
किसी शब्द को देखकर पहले यह जाँचें कि उसमें दो सार्थक शब्द छिपे हैं या नहीं।
उदाहरण:
“महोत्सव” में “महा” और “उत्सव” दोनों सार्थक शब्द हैं। इसलिए इसका संधि-विच्छेद होगा:
महोत्सव = महा + उत्सव
संधि Worksheet with Answers
प्रश्न 1: निम्न शब्दों का संधि-विच्छेद कीजिए
- विद्यालय
- महेश
- सदैव
- अत्यधिक
- सज्जन
- मनोहर
- परोपकार
- गिरीश
- नरेंद्र
- निर्धन
उत्तर
- विद्यालय = विद्या + आलय
- महेश = महा + ईश
- सदैव = सदा + एव
- अत्यधिक = अति + अधिक
- सज्जन = सत् + जन
- मनोहर = मनः + हर
- परोपकार = पर + उपकार
- गिरीश = गिरि + ईश
- नरेंद्र = नर + इंद्र
- निर्धन = निः + धन
समास क्या है?
दो या दो से अधिक शब्दों को मिलाकर एक छोटा और सार्थक शब्द बनाने की प्रक्रिया को समास कहते हैं।
उदाहरण:
राजा का पुत्र = राजपुत्र
यहाँ “राजा का पुत्र” का संक्षिप्त रूप “राजपुत्र” है।
समस्त पद को अलग करके उसके शब्दों के बीच संबंध बताने की प्रक्रिया को समास-विग्रह कहते हैं।
राजपुत्र = राजा का पुत्र
समास के प्रमुख भेद
हिंदी व्याकरण में समास के छह प्रमुख भेद पढ़े जाते हैं:
- अव्ययीभाव समास
- तत्पुरुष समास
- कर्मधारय समास
- द्विगु समास
- द्वंद्व समास
- बहुव्रीहि समास
अव्ययीभाव समास
जिस समास में पहला पद प्रधान होता है और पूरा शब्द अव्यय की तरह प्रयोग होता है, उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं।
उदाहरण:
- प्रतिदिन = प्रत्येक दिन
- यथाशक्ति = शक्ति के अनुसार
- आजीवन = जीवन भर
- भरपेट = पेट भरकर
- आमरण = मृत्यु तक
तत्पुरुष समास
जिस समास में दूसरा पद प्रधान होता है और दोनों पदों के बीच कारक चिह्न का लोप होता है, उसे तत्पुरुष समास कहते हैं।
उदाहरण:
- राजपुत्र = राजा का पुत्र
- वनवास = वन में वास
- गृहप्रवेश = गृह में प्रवेश
- देशभक्ति = देश के लिए भक्ति
- ऋणमुक्त = ऋण से मुक्त
कर्मधारय समास
जिस समास में एक पद विशेषण और दूसरा विशेष्य होता है अथवा एक पद दूसरे की विशेषता बताता है, उसे कर्मधारय समास कहते हैं।
उदाहरण:
- नीलकमल = नीला है जो कमल
- महापुरुष = महान है जो पुरुष
- कालीमिर्च = काली है जो मिर्च
- लालटोपी = लाल है जो टोपी
- सज्जन = सत् है जो जन
द्विगु समास
जिस समास का पहला पद संख्यावाचक हो और पूरा पद किसी समूह का बोध कराए, उसे द्विगु समास कहते हैं।
उदाहरण:
- नवग्रह = नौ ग्रहों का समूह
- त्रिलोक = तीन लोकों का समूह
- पंचवटी = पाँच वटों का समूह
- चौराहा = चार राहों का समूह
- सप्तर्षि = सात ऋषियों का समूह
द्वंद्व समास
जिस समास में दोनों पद समान रूप से प्रधान होते हैं और उनके बीच “और” का भाव होता है, उसे द्वंद्व समास कहते हैं।
उदाहरण:
- माता-पिता = माता और पिता
- भाई-बहन = भाई और बहन
- दिन-रात = दिन और रात
- सुख-दुःख = सुख और दुःख
- पाप-पुण्य = पाप और पुण्य
बहुव्रीहि समास
जिस समास में कोई भी पद प्रधान नहीं होता और पूरा पद किसी अन्य व्यक्ति या वस्तु का बोध कराता है, उसे बहुव्रीहि समास कहते हैं।
उदाहरण:
- दशानन = दस मुख वाला अर्थात रावण
- नीलकंठ = नीला कंठ वाला अर्थात शिव
- चतुर्भुज = चार भुजाओं वाला
- लंबोदर = लंबा उदर वाला अर्थात गणेश
- पीतांबर = पीला वस्त्र धारण करने वाला अर्थात श्रीकृष्ण
समास पहचानने की ट्रिक
विग्रह में आने वाला शब्द | संभावित समास |
के अनुसार, प्रति, भर | अव्ययीभाव |
का, के, की, में, से, के लिए | तत्पुरुष |
विशेषण और विशेष्य | कर्मधारय |
संख्या और समूह | द्विगु |
और | द्वंद्व |
वाला, जिसकी, जिसके | बहुव्रीहि |
समास Worksheet with Answers
प्रश्न: निम्न शब्दों का समास-विग्रह और समास का नाम लिखिए
- माता-पिता
- राजपुत्र
- नीलकमल
- प्रतिदिन
- दशानन
- नवग्रह
- वनवास
- सुख-दुःख
- महापुरुष
- लंबोदर
उत्तर
शब्द | समास-विग्रह | समास |
माता-पिता | माता और पिता | द्वंद्व |
राजपुत्र | राजा का पुत्र | तत्पुरुष |
नीलकमल | नीला है जो कमल | कर्मधारय |
प्रतिदिन | प्रत्येक दिन | अव्ययीभाव |
दशानन | दस मुख वाला | बहुव्रीहि |
नवग्रह | नौ ग्रहों का समूह | द्विगु |
वनवास | वन में वास | तत्पुरुष |
सुख-दुःख | सुख और दुःख | द्वंद्व |
महापुरुष | महान है जो पुरुष | कर्मधारय |
लंबोदर | लंबा उदर वाला | बहुव्रीहि |
उपसर्ग क्या है?
जो शब्दांश किसी मूल शब्द के पहले जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन कर देता है, उसे उपसर्ग कहते हैं।
उदाहरण:
हार शब्द के पहले “प्र” लगाने से “प्रहार” बनता है।
प्र + हार = प्रहार
महत्वपूर्ण उपसर्ग और उदाहरण
उपसर्ग | अर्थ | उदाहरण |
अ | अभाव | अशुद्ध, अयोग्य |
अन् | अभाव | अनपढ़, अनजान |
सु | अच्छा | सुगंध, सुपुत्र |
दु / दुर् | बुरा | दुर्गंध, दुर्जन |
प्र | आगे या विशेष | प्रगति, प्रहार |
परा | विपरीत या पीछे | पराजय, पराभव |
अनु | पीछे | अनुकरण, अनुचर |
प्रति | प्रत्येक या विरोध | प्रतिदिन, प्रतिकार |
उप | निकट | उपवन, उपनगर |
निर् | बिना | निर्जल, निर्भय |
अधि | ऊपर | अधिकार, अधिपति |
अभि | सामने | अभिनय, अभियान |
प्रत्यय क्या है?
जो शब्दांश किसी मूल शब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाता है, उसे प्रत्यय कहते हैं।
उदाहरण:
सुंदर + ता = सुंदरता
यहाँ “ता” प्रत्यय है।
महत्वपूर्ण प्रत्यय और उदाहरण
प्रत्यय | उदाहरण |
ता | सुंदरता, मानवता |
पन | बचपन, बड़प्पन |
आई | पढ़ाई, लिखाई |
आवट | सजावट, बनावट |
कार | कलाकार, पत्रकार |
वाला | दूधवाला, सब्जीवाला |
ई | गरीबी, अमीरी |
इक | सामाजिक, आर्थिक |
मान | बुद्धिमान, शक्तिमान |
वान | गुणवान, धनवान |
उपसर्ग-प्रत्यय Worksheet
प्रश्न 1: निम्न शब्दों में उपसर्ग अलग कीजिए
- अन्याय
- निर्भय
- प्रतिदिन
- दुर्जन
- उपनगर
उत्तर
- अन् + न्याय
- निर् + भय
- प्रति + दिन
- दुर् + जन
- उप + नगर
प्रश्न 2: निम्न शब्दों में प्रत्यय अलग कीजिए
- सुंदरता
- बचपन
- पढ़ाई
- कलाकार
- बुद्धिमान
उत्तर
- सुंदर + ता
- बच्चा + पन
- पढ़ + आई
- कला + कार
- बुद्धि + मान
वाक्य शुद्धि क्या है?
वर्तनी, लिंग, वचन, कारक, काल, सर्वनाम और क्रिया से संबंधित गलतियों को सुधारकर वाक्य को व्याकरण की दृष्टि से सही बनाना वाक्य शुद्धि कहलाता है।
वाक्य शुद्धि के महत्वपूर्ण नियम
लिंग संबंधी अशुद्धि
अशुद्ध: सीता बाजार गया।
शुद्ध: सीता बाजार गई।
वचन संबंधी अशुद्धि
अशुद्ध: लड़के खेल रहा है।
शुद्ध: लड़के खेल रहे हैं।
क्रिया संबंधी अशुद्धि
अशुद्ध: राम और श्याम पढ़ता है।
शुद्ध: राम और श्याम पढ़ते हैं।
कारक संबंधी अशुद्धि
अशुद्ध: मैं कलम से पत्र को लिखता हूँ।
शुद्ध: मैं कलम से पत्र लिखता हूँ।
शब्द-क्रम संबंधी अशुद्धि
अशुद्ध: वह गया बाजार कल।
शुद्ध: वह कल बाजार गया।
अनावश्यक शब्द प्रयोग
अशुद्ध: वह वापस लौटकर आया।
शुद्ध: वह लौटकर आया।
वाक्य शुद्धि Worksheet with Answers
अशुद्ध वाक्य | शुद्ध वाक्य |
गीता भोजन खाया। | गीता ने भोजन खाया। |
बच्चे मैदान में खेल रहा है। | बच्चे मैदान में खेल रहे हैं। |
मेरे को पुस्तक चाहिए। | मुझे पुस्तक चाहिए। |
तुम कहाँ जा रहा है? | तुम कहाँ जा रहे हो? |
वह अपने मुँह से बोला। | वह बोला। |
राम ने बाजार जाता है। | राम बाजार जाता है। |
सीता एक विद्वान लड़की है। | सीता एक विदुषी लड़की है। |
मैंने पुस्तक पढ़ लिया। | मैंने पुस्तक पढ़ ली। |
आप कहाँ रहते हो? | आप कहाँ रहते हैं? |
बहुत से भीड़ जमा थी। | बहुत भीड़ जमा थी। |
मुहावरे क्या हैं?
ऐसा वाक्यांश जिसका सामान्य अर्थ न लेकर विशेष और लाक्षणिक अर्थ लिया जाता है, उसे मुहावरा कहते हैं।
उदाहरण:
“आँखों का तारा” का अर्थ आँख में कोई तारा होना नहीं, बल्कि बहुत प्रिय व्यक्ति होना है।
महत्वपूर्ण मुहावरे, अर्थ और वाक्य
मुहावरा | अर्थ | वाक्य |
आँखों का तारा | बहुत प्यारा | मोहन अपनी माँ की आँखों का तारा है। |
आग बबूला होना | बहुत क्रोधित होना | नुकसान देखकर मालिक आग बबूला हो गया। |
हाथ पर हाथ रखना | निष्क्रिय बैठना | सफलता के लिए हाथ पर हाथ रखकर मत बैठो। |
नाक कटना | अपमान होना | उसकी गलती से परिवार की नाक कट गई। |
नाक में दम करना | बहुत परेशान करना | बच्चों ने शोर करके नाक में दम कर दिया। |
दाँत खट्टे करना | बुरी तरह हराना | भारतीय सेना ने शत्रुओं के दाँत खट्टे कर दिए। |
नौ दो ग्यारह होना | भाग जाना | पुलिस को देखकर चोर नौ दो ग्यारह हो गया। |
रंगे हाथ पकड़ा जाना | अपराध करते पकड़ा जाना | चोर रंगे हाथ पकड़ा गया। |
कमर कसना | तैयार होना | विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए कमर कस ली। |
पानी-पानी होना | लज्जित होना | गलती पकड़े जाने पर वह पानी-पानी हो गया। |
सिर पर कफन बाँधना | बलिदान के लिए तैयार होना | सैनिक सिर पर कफन बाँधकर सीमा पर जाते हैं। |
चार चाँद लगाना | शोभा बढ़ाना | उसकी कविता ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। |
कान भरना | चुगली करना | किसी के विरुद्ध अधिकारी के कान मत भरो। |
आँखें दिखाना | धमकाना | वह छोटी बात पर आँखें दिखाने लगा। |
खून-पसीना एक करना | कठिन परिश्रम करना | किसान फसल उगाने में खून-पसीना एक करता है। |
लोकोक्ति क्या है?
लोक में प्रचलित ऐसा पूर्ण वाक्य जिसमें अनुभव, शिक्षा या जीवन-सत्य छिपा हो, उसे लोकोक्ति कहते हैं।
महत्वपूर्ण लोकोक्तियाँ और अर्थ
लोकोक्ति | अर्थ |
जैसी करनी वैसी भरनी | कर्म के अनुसार फल मिलता है |
अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत | समय निकलने के बाद पछताने से लाभ नहीं |
एकता में बल है | मिलकर रहने में शक्ति होती है |
अधजल गगरी छलकत जाए | कम ज्ञान वाला अधिक दिखावा करता है |
दूर के ढोल सुहावने | दूर की चीजें अच्छी लगती हैं |
घर का भेदी लंका ढाए | अपना व्यक्ति ही सबसे अधिक हानि कर सकता है |
जहाँ चाह वहाँ राह | दृढ़ इच्छा से रास्ता मिल जाता है |
न रहेगा बाँस न बजेगी बाँसुरी | समस्या का मूल समाप्त कर देना |
बूंद-बूंद से घड़ा भरता है | थोड़े-थोड़े प्रयास से बड़ा परिणाम मिलता है |
देर आए दुरुस्त आए | देर से सही, लेकिन सही काम होना |
खोदा पहाड़ निकली चुहिया | अधिक प्रयास के बाद बहुत कम परिणाम |
अंत भला तो सब भला | परिणाम अच्छा होने पर सब अच्छा माना जाता है |
मुहावरे और लोकोक्ति में अंतर
मुहावरा | लोकोक्ति |
वाक्यांश होता है | पूर्ण वाक्य होता है |
इसका लाक्षणिक अर्थ होता है | इसमें जीवन का अनुभव या शिक्षा होती है |
वाक्य में प्रयोग करना पड़ता है | यह स्वतंत्र रूप से प्रयोग हो सकती है |
उदाहरण—नाक कटना | उदाहरण—एकता में बल है |
पर्यायवाची शब्द
समान या लगभग समान अर्थ देने वाले शब्दों को पर्यायवाची शब्द कहते हैं।
महत्वपूर्ण पर्यायवाची
शब्द | पर्यायवाची |
सूर्य | रवि, भानु, आदित्य, दिनकर |
चंद्रमा | शशि, इंदु, सोम, निशाकर |
पृथ्वी | धरती, धरा, भूमि, वसुंधरा |
आकाश | नभ, गगन, अंबर, व्योम |
जल | नीर, पानी, सलिल, वारि |
अग्नि | आग, अनल, पावक, वह्नि |
वायु | पवन, हवा, समीर, अनिल |
राजा | नरेश, नृप, भूप, महाराज |
कमल | पंकज, सरोज, नीरज, जलज |
समुद्र | सागर, सिंधु, रत्नाकर, जलधि |
पर्वत | पहाड़, गिरि, शैल, नग |
वन | जंगल, अरण्य, कानन, विपिन |
स्त्री | महिला, नारी, वनिता, रमणी |
मित्र | सखा, मीत, दोस्त, सहचर |
घर | गृह, भवन, सदन, आलय |
विलोम शब्द
विपरीत अर्थ देने वाले शब्दों को विलोम शब्द कहते हैं।
महत्वपूर्ण विलोम शब्द
शब्द | विलोम |
दिन | रात |
लाभ | हानि |
सुख | दुःख |
आशा | निराशा |
आदि | अंत |
उचित | अनुचित |
सत्य | असत्य |
नया | पुराना |
कठिन | सरल |
आदर | अनादर |
जीवन | मृत्यु |
विजय | पराजय |
उन्नति | अवनति |
स्वतंत्र | परतंत्र |
ज्ञात | अज्ञात |
उपस्थित | अनुपस्थित |
मित्र | शत्रु |
प्रकाश | अंधकार |
धनी | निर्धन |
स्वदेश | विदेश |
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
अनेक शब्द | एक शब्द |
जो कभी न मरे | अमर |
जो पढ़ा-लिखा न हो | निरक्षर |
जो ईश्वर में विश्वास करता हो | आस्तिक |
जो ईश्वर में विश्वास न करता हो | नास्तिक |
जो सब कुछ जानता हो | सर्वज्ञ |
जो दूसरों का भला करता हो | परोपकारी |
जिसका कोई शत्रु न हो | अजातशत्रु |
जो देखने योग्य हो | दर्शनीय |
जिसका वर्णन न किया जा सके | अवर्णनीय |
जो क्षमा के योग्य हो | क्षम्य |
जो कम बोलता हो | मितभाषी |
जो अधिक बोलता हो | वाचाल |
जो अपने देश से प्रेम करता हो | देशभक्त |
जो उपकार मानता हो | कृतज्ञ |
जो उपकार न माने | कृतघ्न |
अलंकार क्या है?
काव्य या भाषा की सुंदरता बढ़ाने वाले तत्वों को अलंकार कहते हैं।
जिस प्रकार आभूषण शरीर की सुंदरता बढ़ाते हैं, उसी प्रकार अलंकार भाषा और काव्य की सुंदरता बढ़ाते हैं।
अलंकार के प्रमुख भेद
अलंकार के दो मुख्य भेद माने जाते हैं:
- शब्दालंकार
- अर्थालंकार
अनुप्रास अलंकार
जहाँ एक ही वर्ण की बार-बार आवृत्ति से काव्य में सुंदरता उत्पन्न हो, वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है।
उदाहरण:
“चारु चंद्र की चंचल किरणें।”
इस पंक्ति में “च” वर्ण की बार-बार आवृत्ति हुई है।
यमक अलंकार
जहाँ एक ही शब्द एक से अधिक बार आए, लेकिन प्रत्येक बार उसका अर्थ अलग हो, वहाँ यमक अलंकार होता है।
उदाहरण:
“कनक कनक ते सौ गुनी मादकता अधिकाय।”
पहले “कनक” का अर्थ धतूरा और दूसरे “कनक” का अर्थ सोना है।
श्लेष अलंकार
जहाँ एक ही शब्द से एक से अधिक अर्थ निकलते हों, वहाँ श्लेष अलंकार होता है।
उदाहरण:
“रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून।”
यहाँ पानी के अलग-अलग संदर्भों में सम्मान, चमक और जल के अर्थ निकलते हैं।
उपमा अलंकार
जहाँ किसी व्यक्ति या वस्तु की तुलना किसी प्रसिद्ध व्यक्ति या वस्तु से की जाए, वहाँ उपमा अलंकार होता है।
उदाहरण:
उसका मुख चंद्रमा के समान सुंदर है।
उपमा के चार अंग होते हैं:
- उपमेय
- उपमान
- साधारण धर्म
- वाचक शब्द
उपर्युक्त उदाहरण में:
- उपमेय—मुख
- उपमान—चंद्रमा
- साधारण धर्म—सुंदर
- वाचक शब्द—के समान
रूपक अलंकार
जहाँ उपमेय पर उपमान का सीधा आरोप कर दिया जाए, वहाँ रूपक अलंकार होता है।
उदाहरण:
उसका मुख चंद्रमा है।
यहाँ मुख को सीधे चंद्रमा कहा गया है।
उत्प्रेक्षा अलंकार
जहाँ उपमेय में उपमान की संभावना व्यक्त की जाए, वहाँ उत्प्रेक्षा अलंकार होता है।
इसके पहचान शब्द हैं—मानो, जनु, जानो, मनु, जैसे।
उदाहरण:
उसका मुख मानो चंद्रमा हो।
मानवीकरण अलंकार
जहाँ निर्जीव वस्तुओं या प्रकृति को मनुष्य की तरह कार्य करते हुए दिखाया जाए, वहाँ मानवीकरण अलंकार होता है।
उदाहरण:
सूरज मुस्कुरा रहा है।
अतिशयोक्ति अलंकार
जहाँ किसी बात को वास्तविकता से बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कहा जाए, वहाँ अतिशयोक्ति अलंकार होता है।
उदाहरण:
उसने आँसुओं की नदी बहा दी।
अलंकार पहचानने की ट्रिक
संकेत | अलंकार |
एक वर्ण बार-बार आए | अनुप्रास |
एक शब्द बार-बार, अर्थ अलग | यमक |
एक शब्द से अनेक अर्थ | श्लेष |
समान, सा, सी, जैसे | उपमा |
किसी को सीधे दूसरा मान लेना | रूपक |
मानो, जनु, जानो | उत्प्रेक्षा |
निर्जीव वस्तु मानव जैसा व्यवहार करे | मानवीकरण |
बात बहुत बढ़ाकर कही जाए | अतिशयोक्ति |
अलंकार Worksheet with Answers
प्रश्न: निम्न पंक्तियों में अलंकार पहचानिए
- चारु चंद्र की चंचल किरणें।
- उसका मुख चंद्रमा के समान है।
- उसका मुख चंद्रमा है।
- सूरज मुस्कुरा रहा है।
- उसने आँसुओं की नदी बहा दी।
- उसका चेहरा मानो चाँद हो।
उत्तर
- अनुप्रास अलंकार
- उपमा अलंकार
- रूपक अलंकार
- मानवीकरण अलंकार
- अतिशयोक्ति अलंकार
- उत्प्रेक्षा अलंकार
विराम चिह्न क्या हैं?
लिखित भाषा में उचित स्थान पर रुकने, भाव स्पष्ट करने और वाक्य का सही अर्थ समझाने वाले चिह्नों को विराम चिह्न कहते हैं।
महत्वपूर्ण विराम चिह्न
विराम चिह्न | नाम | प्रयोग |
। | पूर्ण विराम | वाक्य समाप्त होने पर |
, | अल्प विराम | थोड़ा रुकने पर |
; | अर्ध विराम | अल्प विराम से अधिक रुकने पर |
? | प्रश्नवाचक चिह्न | प्रश्न के अंत में |
! | विस्मयादिबोधक चिह्न | आश्चर्य, खुशी या दुःख |
“ ” | उद्धरण चिह्न | किसी के कथन को लिखने में |
: | विवरण चिह्न | सूची या विवरण से पहले |
– | योजक चिह्न | दो शब्द जोड़ने में |
( ) | कोष्ठक | अतिरिक्त जानकारी देने में |
… | लोप चिह्न | अधूरी बात या छोड़े गए अंश में |
विराम चिह्न Worksheet with Answers
प्रश्न: उचित विराम चिह्न लगाइए
- राम ने कहा मैं कल विद्यालय जाऊँगा
- तुम कहाँ जा रहे हो
- वाह कितना सुंदर दृश्य है
- मेरे प्रिय फल हैं आम केला अमरूद और सेब
- महात्मा गांधी ने कहा सत्य ही ईश्वर है
उत्तर
- राम ने कहा, “मैं कल विद्यालय जाऊँगा।”
- तुम कहाँ जा रहे हो?
- वाह! कितना सुंदर दृश्य है!
- मेरे प्रिय फल हैं: आम, केला, अमरूद और सेब।
- महात्मा गांधी ने कहा, “सत्य ही ईश्वर है।”
पत्र लेखन
पत्र लेखन हिंदी के रचनात्मक लेखन का महत्वपूर्ण भाग है। पत्र को स्पष्ट, संक्षिप्त और शिष्ट भाषा में लिखा जाना चाहिए।
पत्र दो प्रमुख प्रकार के होते हैं:
- औपचारिक पत्र
- अनौपचारिक पत्र
औपचारिक पत्र का प्रारूप
- प्रेषक का पता
- दिनांक
- प्राप्तकर्ता का पद और पता
- विषय
- संबोधन
- मुख्य विषयवस्तु
- धन्यवाद
- भवदीय
- नाम और हस्ताक्षर
प्रधानाचार्य को अवकाश के लिए आवेदन
सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय,
राजकीय उच्च विद्यालय, मुजफ्फरपुर।
विषय: तीन दिनों के अवकाश हेतु आवेदन।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय की कक्षा 10 का विद्यार्थी हूँ। स्वास्थ्य खराब होने के कारण मैं 24 जुलाई 2026 से 26 जुलाई 2026 तक विद्यालय आने में असमर्थ हूँ।
अतः आपसे अनुरोध है कि मुझे तीन दिनों का अवकाश प्रदान करने की कृपा करें। इसके लिए मैं आपका आभारी रहूँगा।
धन्यवाद।
आपका आज्ञाकारी छात्र
नाम: __________
कक्षा: 10
अनुक्रमांक: __________
दिनांक: __________
अनौपचारिक पत्र का प्रारूप
- प्रेषक का पता
- दिनांक
- संबोधन
- अभिवादन
- मुख्य संदेश
- शुभकामना
- तुम्हारा मित्र या तुम्हारा प्रिय
- नाम
निबंध लेखन
किसी विषय पर क्रमबद्ध, स्पष्ट और विचारपूर्ण ढंग से लिखी गई रचना को निबंध कहते हैं।
LearnBSEB पर विभिन्न विषयों के तैयार निबंध पढ़ने के लिए Bihar Board Class 10 Hindi Essay Collection देखें।
अच्छे निबंध की संरचना
एक अच्छे निबंध के तीन मुख्य भाग होते हैं:
- भूमिका
- विषय-विस्तार
- उपसंहार
निबंध लिखते समय ध्यान रखने योग्य बातें
- शीर्षक के अनुसार ही लिखें।
- भाषा सरल और स्पष्ट रखें।
- अनावश्यक कठिन शब्दों का प्रयोग न करें।
- छोटे-छोटे अनुच्छेद बनाएँ।
- विषय से न भटकें।
- वर्तनी और विराम चिह्न सही रखें।
- अंत में प्रभावशाली निष्कर्ष लिखें।
पर्यावरण संरक्षण पर संक्षिप्त निबंध
भूमिका
पर्यावरण हमारे जीवन का आधार है। वायु, जल, मिट्टी, पेड़-पौधे और जीव-जंतु पर्यावरण के महत्वपूर्ण अंग हैं। स्वच्छ पर्यावरण के बिना स्वस्थ जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती।
पर्यावरण प्रदूषण की समस्या
तेजी से बढ़ते उद्योग, वाहनों का धुआँ, प्लास्टिक का उपयोग, जंगलों की कटाई और नदियों में कचरा फेंकने से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है। प्रदूषण के कारण अनेक प्रकार की बीमारियाँ उत्पन्न हो रही हैं।
संरक्षण के उपाय
पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक पेड़ लगाने चाहिए। प्लास्टिक का उपयोग कम करना चाहिए। पानी और बिजली की बचत करनी चाहिए। सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाना चाहिए और कचरे को अलग-अलग करके पुनर्चक्रण के लिए भेजना चाहिए।
उपसंहार
पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। प्रत्येक नागरिक को प्रकृति की रक्षा में योगदान देना चाहिए। आज पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, तभी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।
अपठित गद्यांश
जिस गद्यांश को विद्यार्थी ने अपनी पाठ्यपुस्तक में पहले न पढ़ा हो और जिसके आधार पर प्रश्न पूछे जाएँ, उसे अपठित गद्यांश कहते हैं।
अपठित गद्यांश हल करने की विधि
- गद्यांश को पहले ध्यान से पढ़ें।
- प्रश्नों को पढ़ें।
- प्रश्न से संबंधित पंक्ति दोबारा देखें।
- उत्तर गद्यांश के आधार पर ही लिखें।
- अनावश्यक लंबा उत्तर न लिखें।
- शीर्षक छोटा और विषय के अनुरूप रखें।
अपठित गद्यांश अभ्यास
समय जीवन की सबसे मूल्यवान संपत्ति है। बीता हुआ समय कभी वापस नहीं आता। जो विद्यार्थी समय का सदुपयोग करते हैं, वे जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं। समय का सदुपयोग करने के लिए हमें अपनी दिनचर्या बनानी चाहिए। प्रत्येक कार्य के लिए उचित समय निर्धारित करना चाहिए। आलस्य और टालमटोल मनुष्य की प्रगति में बाधा बनते हैं। इसलिए हमें आज का कार्य कल पर नहीं छोड़ना चाहिए।
प्रश्न
- जीवन की सबसे मूल्यवान संपत्ति क्या है?
- कौन विद्यार्थी जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं?
- मनुष्य की प्रगति में क्या बाधा बनते हैं?
- गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।
- “सदुपयोग” का विलोम शब्द लिखिए।
उत्तर
- समय जीवन की सबसे मूल्यवान संपत्ति है।
- समय का सदुपयोग करने वाले विद्यार्थी सफलता प्राप्त करते हैं।
- आलस्य और टालमटोल मनुष्य की प्रगति में बाधा बनते हैं।
- उचित शीर्षक—“समय का महत्त्व”।
- सदुपयोग का विलोम—दुरुपयोग।
अपठित पद्यांश
जिस कविता या पद्य को विद्यार्थी ने पहले न पढ़ा हो और जिसके आधार पर प्रश्न पूछे जाएँ, उसे अपठित पद्यांश कहते हैं।
अपठित पद्यांश हल करने की विधि
- कविता को दो बार पढ़ें।
- कठिन शब्दों का अर्थ संदर्भ से समझें।
- कविता के केंद्रीय भाव को पहचानें।
- उत्तर कविता की पंक्तियों के आधार पर लिखें।
- कवि का संदेश संक्षिप्त रूप में लिखें।
अपठित पद्यांश अभ्यास
मेहनत करने वालों की
कभी हार नहीं होती,
लहरों से डरकर नौका
कभी पार नहीं होती।
नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,
चढ़ती दीवारों पर सौ बार फिसलती है।
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है,
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है।
प्रश्न
- कविता में किसकी हार नहीं होती?
- नौका कब पार नहीं होती?
- चींटी हमें क्या शिक्षा देती है?
- “साहस” का विलोम शब्द लिखिए।
- कविता का केंद्रीय भाव लिखिए।
उत्तर
- मेहनत करने वालों की हार नहीं होती।
- लहरों से डरने पर नौका पार नहीं होती।
- चींटी हमें बार-बार प्रयास करने की शिक्षा देती है।
- साहस का विलोम—भय।
- कविता का केंद्रीय भाव है कि लगातार मेहनत, साहस और आत्मविश्वास से सफलता प्राप्त की जा सकती है।
Bihar Board Class 10 Hindi Grammar Mixed Worksheet
Objective Questions
प्रश्न 1. “विद्यालय” का सही संधि-विच्छेद क्या है?
- विद्या + लय
B. विद्या + आलय
C. विद् + आलय
D. विद्या + अलय
उत्तर: B. विद्या + आलय
प्रश्न 2. “माता-पिता” में कौन-सा समास है?
- तत्पुरुष
B. द्वंद्व
C. बहुव्रीहि
D. कर्मधारय
उत्तर: B. द्वंद्व
प्रश्न 3. “प्रतिदिन” में कौन-सा समास है?
- अव्ययीभाव
B. द्विगु
C. कर्मधारय
D. बहुव्रीहि
उत्तर: A. अव्ययीभाव
प्रश्न 4. “चारु चंद्र की चंचल किरणें” में कौन-सा अलंकार है?
- उपमा
B. रूपक
C. अनुप्रास
D. उत्प्रेक्षा
उत्तर: C. अनुप्रास
प्रश्न 5. “आँखों का तारा” मुहावरे का अर्थ क्या है?
- आँख में दर्द होना
B. बहुत प्रिय होना
C. तारों को देखना
D. रोशनी होना
उत्तर: B. बहुत प्रिय होना
प्रश्न 6. “सूर्य” का पर्यायवाची कौन-सा है?
- निशाकर
B. दिनकर
C. रजनी
D. पवन
उत्तर: B. दिनकर
प्रश्न 7. “उन्नति” का विलोम क्या है?
- प्रगति
B. सफलता
C. अवनति
D. विजय
उत्तर: C. अवनति
प्रश्न 8. “सूरज मुस्कुरा रहा है” में कौन-सा अलंकार है?
- मानवीकरण
B. यमक
C. श्लेष
D. अनुप्रास
उत्तर: A. मानवीकरण
प्रश्न 9. प्रश्न के अंत में कौन-सा विराम चिह्न लगाया जाता है?
- पूर्ण विराम
B. अल्प विराम
C. प्रश्नवाचक चिह्न
D. उद्धरण चिह्न
उत्तर: C. प्रश्नवाचक चिह्न
प्रश्न 10. “जो कभी न मरे” के लिए एक शब्द क्या है?
- अजर
B. अमर
C. नश्वर
D. जीवित
उत्तर: B. अमर
Bihar Board Class 10 Hindi Grammar 30-Day Study Plan
दिन | अध्ययन का विषय |
दिन 1–3 | संधि के नियम और उदाहरण |
दिन 4 | संधि Worksheet |
दिन 5–7 | समास के सभी भेद |
दिन 8 | समास Worksheet |
दिन 9–10 | उपसर्ग और प्रत्यय |
दिन 11–12 | वाक्य शुद्धि |
दिन 13–14 | मुहावरे |
दिन 15 | लोकोक्तियाँ |
दिन 16 | पर्यायवाची शब्द |
दिन 17 | विलोम शब्द |
दिन 18 | अनेक शब्दों के लिए एक शब्द |
दिन 19–21 | अलंकार |
दिन 22 | विराम चिह्न |
दिन 23–24 | पत्र लेखन |
दिन 25–26 | निबंध और अनुच्छेद |
दिन 27 | अपठित गद्यांश |
दिन 28 | अपठित पद्यांश |
दिन 29 | Mixed Grammar Test |
दिन 30 | गलत प्रश्नों का रिवीजन |
Hindi Grammar की तैयारी में विद्यार्थी कौन-सी गलतियाँ करते हैं?
नियम समझे बिना उत्तर याद करना
केवल उदाहरण याद करने से नए प्रश्नों को हल करना कठिन हो जाता है। पहले नियम समझें, फिर उदाहरणों का अभ्यास करें।
संधि और समास को एक जैसा समझना
संधि में वर्णों का मेल होता है, जबकि समास में शब्दों को संक्षिप्त किया जाता है।
मुहावरे का केवल अर्थ लिखना
यदि प्रश्न में वाक्य-प्रयोग माँगा गया है, तो मुहावरे का सही वाक्य भी लिखना जरूरी है।
अलंकार में पहचान शब्द न देखना
“समान”, “सा”, “सी” से उपमा और “मानो” से उत्प्रेक्षा की पहचान की जा सकती है। लेकिन अंतिम निर्णय पंक्ति का पूरा अर्थ समझकर करें।
पत्र में विषय न लिखना
औपचारिक पत्र में विषय बहुत महत्वपूर्ण होता है। विषय एक पंक्ति में स्पष्ट और संक्षिप्त होना चाहिए।
अपठित गद्यांश में अपना विचार लिखना
अपठित गद्यांश के उत्तर मुख्यतः दिए गए गद्यांश के आधार पर लिखने चाहिए। अपनी ओर से असंबंधित बातें न जोड़ें।
Bihar Board Hindi Grammar में अच्छे अंक कैसे प्राप्त करें?
रोज 20 मिनट व्याकरण पढ़ें
एक दिन में पूरा व्याकरण पढ़ने के बजाय प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा अध्ययन करें।
नियमों की अलग कॉपी बनाएँ
संधि, समास और अलंकार के नियमों की एक छोटी कॉपी बनाएँ। परीक्षा से पहले उसी कॉपी से तेजी से रिवीजन किया जा सकता है।
रोज 10 Objective प्रश्न हल करें
Objective प्रश्नों का नियमित अभ्यास करने से नियमों की पहचान तेजी से होने लगती है।
सप्ताह में एक Worksheet हल करें
हर सप्ताह बिना उत्तर देखे एक mixed worksheet हल करें। बाद में उत्तरों से मिलान करके गलतियों को सुधारें।
मॉडल सेट हल करें
बोर्ड परीक्षा जैसे प्रश्नों का अभ्यास करने के लिए Bihar Board Class 10th Model Set 2026 देखें।
पूरे परीक्षा पैटर्न को समझें
Grammar के साथ अन्य विषयों की तैयारी की सही रणनीति जानने के लिए Bihar Board Exam Preparation Class 10th Complete Guide पढ़ें।
LearnBSEB पर उपयोगी Internal Links
इस grammar course को पढ़ने के बाद विद्यार्थी निम्न संबंधित पोस्ट्स भी पढ़ सकते हैं:
- BSEB Class 10 Syllabus 2027
- Bihar Board Class 10 Exam Syllabus and Pattern
- Bihar Board Class 10th Model Set 2026
- Bihar Board Class 10 Exam Preparation Guide
- Bihar Board Class 10 Hindi Essay Collection
- Bihar Board Class 10 Syllabus for All Subjects
Bihar Board Class 10 Hindi Grammar FAQs
Bihar Board Class 10 Hindi Grammar में कौन-कौन से टॉपिक आते हैं?
कक्षा 10 हिंदी व्याकरण की तैयारी में संधि, समास, उपसर्ग-प्रत्यय, वाक्य शुद्धि, मुहावरे, लोकोक्तियाँ, पर्यायवाची, विलोम, अलंकार, विराम चिह्न, पत्र, निबंध और अपठित अंश जैसे विषय पढ़ने चाहिए। वर्तमान परीक्षा के लिए विद्यार्थी अपने विद्यालय के सिलेबस और नवीनतम मॉडल पेपर से भी मिलान करें।
संधि और समास में क्या अंतर है?
संधि में दो वर्णों के मिलने पर परिवर्तन होता है, जबकि समास में दो या अधिक शब्दों को संक्षिप्त करके एक नया शब्द बनाया जाता है।
उदाहरण:
- संधि: महा + ईश = महेश
- समास: राजा का पुत्र = राजपुत्र
समास के कितने भेद होते हैं?
परीक्षा की तैयारी में समास के छह प्रमुख भेद पढ़े जाते हैं—अव्ययीभाव, तत्पुरुष, कर्मधारय, द्विगु, द्वंद्व और बहुव्रीहि।
अलंकार कैसे पहचानें?
पंक्ति में वर्णों की आवृत्ति, तुलना, संभावना, बढ़ा-चढ़ाकर वर्णन या मानवीय क्रिया जैसे संकेत देखें। उदाहरण के लिए “सा”, “सी” और “समान” उपमा के तथा “मानो” उत्प्रेक्षा के संकेत हो सकते हैं।
मुहावरे और लोकोक्ति में क्या अंतर है?
मुहावरा एक वाक्यांश होता है और उसे वाक्य में प्रयोग करना पड़ता है। लोकोक्ति एक पूर्ण कथन होती है जिसमें अनुभव या शिक्षा छिपी रहती है।
अपठित गद्यांश कैसे हल करें?
पहले गद्यांश पढ़ें, फिर प्रश्न देखें और संबंधित पंक्तियों के आधार पर उत्तर लिखें। उत्तर में अनावश्यक जानकारी नहीं जोड़नी चाहिए।
हिंदी व्याकरण की तैयारी कितने दिनों में की जा सकती है?
यदि विद्यार्थी प्रतिदिन 30 से 45 मिनट पढ़ें और नियमित worksheets हल करें, तो लगभग 30 दिनों में सभी प्रमुख विषयों का अच्छा रिवीजन किया जा सकता है।
क्या केवल Grammar पढ़कर हिंदी में अच्छे अंक आ सकते हैं?
Grammar से अंक मजबूत किए जा सकते हैं, लेकिन पूरे हिंदी विषय में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए गद्य, पद्य, पूरक पुस्तक, लेखन कौशल और अपठित अंश की तैयारी भी आवश्यक है।
परीक्षा में उत्तर हिंदी में ही लिखना चाहिए?
हिंदी विषय के उत्तर शुद्ध और सरल हिंदी में लिखना बेहतर रहता है। वर्तनी, मात्रा, विराम चिह्न और वाक्य संरचना पर विशेष ध्यान दें।
Grammar Worksheet हल करने का क्या फायदा है?
Worksheet हल करने से नियमों की वास्तविक समझ होती है, गलतियों की पहचान होती है और परीक्षा में प्रश्न हल करने की गति बढ़ती है।
निष्कर्ष
इस Bihar Board Class 10 Hindi Grammar Complete Course में कक्षा 10 के विद्यार्थियों के लिए संधि, समास, उपसर्ग-प्रत्यय, वाक्य शुद्धि, मुहावरे, लोकोक्तियाँ, पर्यायवाची, विलोम, अलंकार, विराम चिह्न, पत्र लेखन, निबंध लेखन, अपठित गद्यांश और अपठित पद्यांश को सरल भाषा में समझाया गया है।
हिंदी व्याकरण में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए केवल परिभाषाएँ याद करना पर्याप्त नहीं है। प्रत्येक नियम को उदाहरण सहित समझें और नियमित रूप से अभ्यास प्रश्न हल करें।
तैयारी का सही क्रम यह होना चाहिए:
- पहले नियम पढ़ें।
- प्रत्येक नियम के उदाहरण समझें।
- बिना उत्तर देखे Worksheet हल करें।
- गलत उत्तरों को दोबारा पढ़ें।
- मॉडल सेट और पिछले प्रश्नों का अभ्यास करें।
- परीक्षा से पहले नियम, उदाहरण और पहचान की ट्रिक्स दोहराएँ।
नियमित अभ्यास से हिंदी व्याकरण कठिन विषय नहीं रहता। सही योजना और topic-wise तैयारी से विद्यार्थी बिहार बोर्ड मैट्रिक हिंदी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
आवश्यक सूचना
बोर्ड परीक्षा के विषय, प्रश्नों की संख्या और अंक-वितरण में समय-समय पर बदलाव हो सकता है। विद्यार्थी परीक्षा से पहले बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा जारी नवीनतम मॉडल पेपर, पाठ्यक्रम और अपने विद्यालय के निर्देशों को प्राथमिकता दें।