भूमिका : कहते हैं समय अमूल्य धन है। यह प्रत्येक मनुष्य को बिना धन दिए प्राप्त होता है, किन्तु किसी भी कीमत पर इसे लौटाया नहीं जा सकता एक बार जाकर यह फिर वापस नहीं आता। इसीलिए महात्मा कबीर ने कहा है-
काल करे सो आज कर, आज करे सो अब। पल में प्रलय होगी बहोरि करोगे कब?
समय का महत्त्व : समय अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। समय से ही ऋतुएँ आती-जाती हैं, समय पर ही फल-फूल आते हैं, सूरज और चाँद भी अपने समय पर ही उदय-अस्त होते हैं। इनमें कहीं व्यवधान नहीं होता। यही कारण है कि प्रकृति कायम है।
समय-बद्धता उन्नति का सूत्र : जैसे प्रकृति में समय की महत्ता है, वैसे ही मानव के लिए भी समय महत्त्वपूर्ण है। सच कहें तो मानव-जीवन की सफलता का रहस्य भी समय के समुचित उपयोग में ही छिपा है। सबको समान रूप से दिन के चौबीस घंटे उपलब्ध होते हैं, जो इनका उपयोग करते हैं वे अब्राहम लिंकन, स्वामी विवेकानन्द और गाँधी बनते हैं। जो इस समय को सोने, मौज-मस्ती करने, बुरी बातें सोचने और करने में गुजारते हैं वे गुमनामी में खो जाते हैं या बदनामी ओढ़ लेते हैं। वे जिन्दगी भर झखते और पछताते हैं। सचमुच समय निर्मम न्यायाधीश है, जो सबको उनकी करनी के अनुरूप पुरस्कृत या दंडित करता है।
समय पर काम करने से योग्यता हासिल हो जाती है। योग्य व्यक्ति अपना काम उपयुक्त ढंग से करता है और सफल होता है। लोग उसके गुण गाते हैं। एक प्रसिद्ध लेखक का कहना है कि वह व्यक्ति महान् है जो कहता है कि मेरे पास समय का अभाव है।
उपसंहार : अतः हमें समय पर सभी काम करने की आदत डालनी चाहिए। क्षण-क्षण का लेखा-जोखा तैयार करना चाहिए और उसी के अनुसार काम करना चाहिए। क्योंकि क्षण से मिनट, मिनट से घंटे और घंटे से दिन, सप्ताह, माह और वर्ष बनते. हैं