भूमिका: पास-पड़ोस के वैसे लोग जिनसे हमारा नजदीक का संबंध होता है पड़ोसी कहलाते हैं। पड़ोसी हमें अकेला नहीं छोड़ते। अतः इनके साथ मधुर एवं सही संबंध रखना जरूरी है।
सम्पन्न पड़ोसी : कुछ पड़ोसी धनी होते हैं। ये थोड़ा घमंडी होते हैं। किंतु इन्हे भी हमें कद्र करनी चाहिए। धन आता-जाता है, संबंध के साथ ऐसी बात नहीं है।
गरीब पड़ोसी : गरीब पड़ोसी दूसरे की भलाई एवं दुखों में साथ निभाते हैं। उन्हें जीवन की सरलता पसंद होती है। ऐसे पड़ोसी विनम्र एवं सहायक गुण वाले होते हैं।
हमारा कर्त्तव्य : अमीर या गरीब कैसा भी पड़ोसी हो, हमें इनसे अच्छे संबंध रखने चाहिए। आपसी सौहार्द्र की भावना जीवित रखनी चाहिए। एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए। मैं ऐसा ही करता हूँ। यही मेरा कर्त्तव्य है।
उपसंहार: अकेला मनुष्य कुछ नहीं है। अतः मनोरंजन, सहयोग, सेवा, साथ के लिए पड़ोसी का जीवन में बहुमूल्य योगदान है। हमें अपने पड़ोसियों से अच्छे संबंध रखना चाहिए।