वसंत ऋतु (The Spring Season)
“मन्द-मन्द हवा चली, विहुँस उठी कली-कली भौरे बोराए, ऋतुराज आए।” विषय-प्रवेश : ऋतुएँ तो अनेक हैं लेकिन वसंत की सज-धज निराली है। इसीलिए वह ऋतुओं का राजा, शायरों-कवियों का … Read more
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“मन्द-मन्द हवा चली, विहुँस उठी कली-कली भौरे बोराए, ऋतुराज आए।” विषय-प्रवेश : ऋतुएँ तो अनेक हैं लेकिन वसंत की सज-धज निराली है। इसीलिए वह ऋतुओं का राजा, शायरों-कवियों का … Read more