भूमिका: किसी कवि ने ठीक ही कहा है कि प्रातः काल सैर करने से स्वास्थ्य सुधरता है। प्रातः काल उठने के लिए रात को शीघ्र सो जाना चाहिए। ‘Early to bed and early to rise makes a man healthy, wealthy and wise.’ का सिद्धान्त अपनाना चाहिए। गाँव में रहने वाले लोगों को प्रकृति की स्वच्छ हवा आसानी से मिल जाती है। परन्तु महानगरों में कल-कारखानों की अधिकता और मोटरकारों का धुंआ दिनभर वायुमंडल को प्रदूषित करता रहता है। स्वच्छ, सुगंधित, शीतल वायु का सेवन हम प्रातः काल ही कर सकते हैं। प्रातः काल घूमने की आदत बहुत अच्छी होती है।’
भ्रमण का महत्व : प्रातः कालीन भ्रमण के अनेक लाभ हैं। सबसे पहला लाभ यह है कि प्रातः काल शीघ्र उठने से शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है। प्रातः कालीन शीतल वायु फेफड़ों के लिए बहुत अच्छी होती है। इससे स्मरण शक्ति तीव्र होती है। घूमने-फिरने से शरीर में एक नई चेतना उत्पन्न होती है। शरीर स्वस्थ्य एवं मन प्रसन्न बना रहता है। ब्लड प्रेशर, मधुमेह (सुगर) आदि बीमारियों पर नियंत्रण रहता है।
भ्रमण का शैक्षिक महत्व: पार्क में अनेक लोग सामूहिक योगासन करते हुए देखे जाते हैं। कहीं युवा छात्र फुटबॉल या बालीबॉल खेलते हैं। स्त्रियां आसन करती दिखाई देती हैं तो कहीं वृद्धजनों की टोली भगवान का कीर्तन करने में संलग्न दिखाई देती है। ये सब कार्य भ्रमण के महत्व हैं। छात्रों को ऐतिहासिक महत्व वाले स्थानों का भ्रमण करने से इतिहास, भूगोल, समाज शास्त्र की जानकारी प्राप्त होती है। भारतवर्ष की पुरानी गरिमा के बारे में जानकारी मिलती है। राज्य सरकार ने छात्रों को शैक्षणिक भ्रमण हेतु सभी विद्यालयों में फंड प्रदान कर रखा है
निष्कर्ष : पार्क में लोग विभिन्न प्रकार के व्यायाम करते मिलते हैं। वे – कभी कबड्डी मैच खेलते हैं। कभी लाठी चलाने का अभ्यास करते हैं। भ्रमण करने से ज्ञान-विज्ञान में वृद्धि होती है। रोचक सूचनाएँ प्राप्त होती हैं। तत्कालीन व्यवस्था का पता चलता है। ऐतिहासिक, भौगोलिक एवं स्थापत्य कला के विकास का पता चलता है। अतः भ्रमण अनिवार्य है।