साम्प्रदायिक सद्भाव (Communal Harmony)

Communal Harmony

विषय-प्रवेश : साम्प्रदायिकता का अर्थ: साम्प्रदायिक का अर्थ है अपने धर्म को अन्य धर्मों से ऊँचा मानना और अपने धार्मिक तथा जातीय हितों के लिए राष्ट्रहित से आँख फेर लेना। साम्प्रदायिकता धर्म और जाति के नाम पर घृणा एवं द्वेष का प्रसार है जिससे आदमी आदमी के खून का प्यासा हो जाता है। भारत में … Read more

विज्ञान और मनुष्य या विज्ञान :वरदान या अभिशाप(Science and Human Life: A Boon or a Curse)

Science and Human Life: A Boon or a Curse

या, वैज्ञानिक आविष्कार का सामाजिक सदुपयोग भूमिका : अर्थ : कविवर दिनकर ने लिखा है-                                                           “यह समय विज्ञान का, सब भाँति पूर्ण समर्थ,        … Read more

यदि मैं भारत का प्रधानमंत्री होता या, मेरा जीवन लक्ष्य (If I Were the Prime Minister of India)

If I Were the Prime Minister of India

विषय प्रवेश: प्रायः हर आदमी सपना देखता है। सपने में कोई लखपति बनना चाहता है तो कोई करोड़पति, कोई डॉक्टर बनना चाहता है तो कोई इंजीनियर, कोई प्रशासक तो कोई मंत्री। जहाँ तक मेरा भारत का प्रधानमंत्री चन अशिक्षा, अंधविश्वास, बेकारी और गरीबी से देश प्रश्न है, मेरा सपना है-को मुक्त करना। सुधार कार्य : … Read more

महँगाई या बढ़ती महँगाई (Inflation or Rising Inflation)

Inflation or Rising Inflation

विषय-प्रवेश : आजादी के बाद जिन चीजों में बेतहाशा वृद्धि हुई है, वे हैं- नेता, बेकारी और महँगाई। अगर कल तेल का मिजाज ऊँचा हुआ तो आज दाल गुल खिला रही है। कभी चावल और प्याज ने आँख मारी तो कभी चीनी सताने लगी। तात्पर्य यह है कि महँगाई सर्वव्यापी हो गई है। महँगाई का … Read more

भारतीय किसान (The Indian Farmer)

The Indian Farmer

विषय प्रवेश: देश की आजादी के बाद बहुत कुछ बदल गया है लेकिननहीं बदला है तो भारत का किसान। आज भी वह वैसा ही है-घुटनों तक धोती, पाँव नंगे, आधा पेट भोजन और वही टूटी मड़ैया तथा सिर पर कर्ज का बोझ । आशा थी कि आजादी आएगी तो देश के किसानों का भाग्योदय होगा। … Read more

बेकारी की समस्या/बेरोजगारी की समस्या (The Problem of Unemployment)

The Problem of Unemployment

विषय-प्रवेश : बेकारी की स्थिति भारत आज जिन समस्याओं से घिरा है, उनमें सबसे जटिल समस्या है बेकारी और ताज्जुब तो यह है कि इसे सुलझाने की जितनी कोशिशें होती हैं, यह उलझती जा रही है। एक वाक्य में कहें तो कहेंगे-‘मर्ज बढ़ता गया ज्यों-ज्यों दवा की।’ बेकारी की समस्या यों तो सारे मुल्कों में … Read more

बिहार : तब और अब (Bihar: Then and Now)

Bihar: Then and Now

                                                                 बिहार में बहार: प्रगति के पथ पर बिहार भूमिका: बिहार भारत का वह भू-भाग है जिसके बिना भारत के इतिहास की कल्पना भी … Read more

बाढ़/बिहार में बाढ़ (Flood / Flood in Bihar)

Flood / Flood in Bihar

विषय-प्रवेश : ‘बाढ़’ का अर्थ यह विडंबना ही है कि अपने देश भारत को अभी भी बाढ़ से छुटकारा नहीं मिला है। ‘बाढ़’ का अर्थ है बढ़ना, वृद्धि। यों तो किसी भी चीज की अत्यधिक वृद्धि दुखदायी होती है। लेकिन जल का बढ़ना सबसे त्रासद होता है। खुशहाली पल में बदहाली में बदल जाती है-सब-कुछ … Read more

डॉ. भीमराव अम्बेदकर (Dr. Bhimrao Ambedkar)

Dr. Bhimrao Ambedkar

विषय प्रवेश : भारत के दलितों, शोषितों, और अछूतों को बराबरी का हक दिलाने के लिए डॉ. भीमराव अम्बेदकर चिरस्मरणीय हैं। जन्म एवं शिक्षा : डॉ. अम्बेदकर का जन्म 14 जुलाई, 1891 ई. को महाराष्ट्र के रत्नगिरि जिले के अंबावदे गाँव में हुआ। इसीलिए वे अम्बेदकर कहलाए। वे श्री रामजी सकपाल और भीमबाई की चौदहवीं … Read more