दहेज ( Dowry)

Dowry

  दहेज :   एक सामाजिक कलंक या, वहेज समस्या और समाधान अथवा,  दहेज  प्रथा- एक अभिशाप  भूमिका : दहेज प्रथा भारतीय जनता और समाज के माथे पर कलंक का सबसे बड़ा टीका है। इस दैत्य ने न जाने कितनी युवतियों को कुंवारी रहने पर मजबूर किया है, कितने घरों को बर्बाद किया है और न जाने … Read more

जनसंख्या की समस्या बढ़ती आबादी: जनसंख्या विस्फोट(The Problem of Population: Increasing Population and Population Explosion)

The Problem of Population: Increasing Population and Population Explosion

भूमिका: जनसंख्या की समस्या आज देश के सामने सुरसा की भाँति अपना मुँह बाये इसकी आबादी खड़ी है। विकास को इसने सर्वाधिक प्रभावित किया है। आजादी के समय कुल आबादी मात्र तीस करोड़ थी। लेकिन आज देश की जनसंख्या एक सौ दस करोड़ से ऊपर हो गई है। यह आबादी प्रतिमाह दस लाख की दर … Read more

कम्प्यूटर आज की आवश्यकता (Computer: A Necessity of Today)

Computer: A Necessity of Today

भूमिका: विज्ञान ने मनुष्य को सुख-सुविधा के जो साधन दिये हैं उनमें है। यही कारण है कि दिन-प्रतिदिन इसकी लोकप्रियता बढती जा रही है। भारत कम्प्यूटर का विशिष्ट स्थान है। कम्प्यूटर से घंटों का काम सेकेंडों में हो जाता में भी कम्प्यूटर का प्रचलन बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। आविष्कार: चार्ल्स बेबेज पहले व्यक्ति … Read more

देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद / मेरे प्रिय नेता (Bharat Ratna Dr. Rajendra Prasad / My Favourite Leader)

Bharat Ratna Dr. Rajendra Prasad / My Favourite Leader

बिहार महापुरुषों की भूमि : बिहार राज्य की पावन-भूमि अनेक महापुरुषों तथा विभूतियों की जन्मस्थली रही है। वर्द्धमान महावीर, गौतम बुद्ध, सम्राट, अशोक, गुरु गोविंद सिंह, बाबू कुँवर सिंह का नाम कौन नहीं जानता? डॉ० राजेन्द्र प्रसाद ऐसी ही विभूतियों में से एक थे। उनका जन्म सारण जिले के जीरादेई नामक गाँव में 3 दिसंबर, … Read more

हमारे पड़ोसी (Our Neighbours)

Our Neighbours

भूमिका: पास-पड़ोस के वैसे लोग जिनसे हमारा नजदीक का संबंध होता है पड़ोसी कहलाते हैं। पड़ोसी हमें अकेला नहीं छोड़ते। अतः इनके साथ मधुर एवं सही संबंध रखना जरूरी है। सम्पन्न पड़ोसी : कुछ पड़ोसी धनी होते हैं। ये थोड़ा घमंडी होते हैं। किंतु इन्हे भी हमें कद्र करनी चाहिए। धन आता-जाता है, संबंध के … Read more

सत्यवादिता (Truthfulness)

Truthfulness

परिभाषा : सत्यवादिता दृष्टि का प्रतिबिम्ब है, जान की प्रतिलिपि है, आत्मा की वाणी है। सत्यवादिता के लिए केवल निष्कपट मन चाहिए। एक झूठ के लिए हजारों झूठ बोलने पड़ते हैं, झूठ की लम्बी श्रृंखला मन में बैठानी पड़ती है। इसी बात को शास्त्र ने समझाया है-                 … Read more

संचार क्रांति (Communication Revolution)

Communication Revolution

भूमिका : प्रगति के पथ पर मानव बहुत दूर चला आया है। आज संसार मानव की मुट्ठी में समाया है। जीवन के क्षेत्रों में सबसे अधिक क्रांतिकारी कदम ‘संचार’ के क्षेत्रों में उठाए गए हैं। संचार क्रांति का स्वरूप: संचार साधनों में सबसे अहम् भूमिका ‘इन्टरनेट’ की है। इसकी शुरूआत 1969 में एडवान रिचर्स प्रोजेन्टस … Read more

व्यायाम(Exercise)

Exercise

भूमिका : हमने बहुत बार सुना है कि पहला सुख है निरोग शरीर। इसी की वजह से हम अन्य सभी सुखों का आनंद उठा सकते हैं। अपनी पढ़ाई पर ध्यान भी हम तभी कर सकते हैं जब हमारा शरीर स्वस्थ हो। व्यायाम शरीर को चुस्त और फुर्तीला का उत्तम मार्ग है। लाभ : व्यायाम से … Read more

राष्ट्रभाषा (National Language)

National Language

आरम्भ : राष्ट्रभाषा का अर्थ है राष्ट्र की भाषा अर्थात् ऐसी भाषा जिसका प्रयोग देश की हर भाषा के लोग आसानी से कर सकें, बोल सकें और लिख सकें। हमारे देश की ऐसी भाषा है, हिन्दी। आजादी के पहले अंग्रेजी सरकार ने अंग्रेज के माध्यम से सारा काम चलाया किन्तु अपने देश में सबके लिए … Read more

जंगल(Forest)

Forest

भूमिका : जंगल हमारे धरोहर हैं। प्राचीन काल में इन्होंने सभी जीवों को आश्रय, भोजन, एवं पर्यावरण प्रदान किया। जंगल का महत्व : जंगलों का धरती पर महत्वपूर्ण योगदान है। जंगल पर्यावरण को सुरक्षित रखते हैं। वन्य जीवों के आश्रय स्थल हैं। इमारती एवं जलावन की लकड़ी ये प्रदान करते हैं। दुर्लभ जड़ी बूटियाँ जंगलों … Read more