तुर्की आक्रमण

तुर्की आक्रमण

तुर्की आक्रमण मध्यकालीन भारतीय इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना है। 11वीं शताब्दी से भारत पर तुर्कों के आक्रमण प्रारम्भ हुए, जिन्होंने देश की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक व्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाला। तुर्क मूल रूप से मध्य एशिया के निवासी थे। वे साहसी, संगठित और घुड़सवार सेना के कुशल योद्धा थे। महमूद गजनवी के आक्रमण … Read more

गुप्त साम्राज्य

गुप्त साम्राज्य

गुप्त साम्राज्य (240 ई.-550 ई.) मौर्य साम्राज्य के पतन के बाद लम्बे समय (काल) तक भारत एक शासन सूत्र के अन्तर्गत नहीं आ सका। इस राजनीतिक विघटन का सामना करने के लिए मुख्य रूप से तीसरी शताब्दी में भारत के तीन कोनों से तीन नये राजवंशों का उदय हुआ। मध्यप्रदेश के पश्चिमी भाग में नाग … Read more

इस्लाम का उदय तथा अरब आक्रमण

इस्लाम का उदय तथा अरब आक्रमण

इस्लाम का उदय 7वीं सदी में अरब में हुआ। इसके प्रवर्तक Muhammad (570–632 ई.) थे। कुरान के धार्मिक कानून को ‘जवाबित’ कहा गया है। मदीना के कुरैश तथा मुस्लिमों के बीच तीन युद्ध हुए— जंगे बंदर मार्च–अप्रैल, 624 ई. जंगे उहद मार्च, 625 ई. जंगे खंदक मार्च–अप्रैल, 627 ई. इस्लामी कानून बादशाह को राजनैतिक संस्था … Read more

सिन्धु घाटी सभ्यता

सिन्धु घाटी सभ्यता

सिन्धु घाटी सभ्यता विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक है। साधारणतः इसे “सिन्धु घाटी की सभ्यता” और “हड़प्पा सभ्यता” के नाम से जाना जाता है। यह विश्व की सबसे बड़ी सभ्यताओं में से एक थी। सिन्धु सभ्यता को आद्य-ऐतिहासिक तथा हड़प्पा सभ्यता की कांस्य युगीन सभ्यता के नाम से भी जाना जाता है। यह … Read more

सिकन्दर

सिकन्दर

सिकन्दर महान का जन्म 356 ईसा पूर्व में मकदूनिया (यूनान) में हुआ था। उसके पिता Philip II मकदूनिया के शक्तिशाली राजा थे और उसकी माता ओलम्पियास थी। सिकन्दर बचपन से ही साहसी, बुद्धिमान और महत्वाकांक्षी था। उसके गुरु प्रसिद्ध यूनानी दार्शनिक Arastu थे, जिन्होंने उसे दर्शन, राजनीति, विज्ञान और साहित्य की शिक्षा दी। अरस्तू की … Read more

शैव धर्म

शैव धर्म

शिव भक्ति के विषय में प्रारम्भिक जानकारी सिन्धु घाटी में मिलती है। इसके पुरातात्विक साक्ष्य हड़प्पा से शिवलिंग उपासना के रूप में प्राप्त होते हैं। ऋग्वेद में शिव के लिए ‘रुद्र देवता‘ नाम का उल्लेख किया गया है। महाभारत में लिंग पूजा का उल्लेख है, इस काल में शिव को एक प्रमुख देवता के रूप … Read more

वैदिक सभ्यता

वैदिक सभ्यता

सिंधु सभ्यता के बाद जो नवीन संस्कृति विकसित हुई, उसके विषय में हमें विस्तृत जानकारी वेदों से प्राप्त होती है। इसी कारण इस काल को वैदिक सभ्यता कहा जाता है। वैदिक काल को सामान्यतः दो भागों में विभाजित किया गया है— ऋग्वैदिक काल (1500–1000 ई.पू.) उत्तर वैदिक काल (1000–600 ई.पू.) 1. ऋग्वैदिक काल (1500–1000 ई.पू.) … Read more

मौर्य साम्राज्य

मौर्य साम्राज्य

मौर्य साम्राज्य (322 ई.पू.–185 ई.पू.) मौर्य राजवंश की साहित्यिक स्रोतों से जानकारी— (1) ब्राह्मण साहित्य के अनुसार — शूद्र (2) जैन व बौद्ध साहित्य के अनुसार — क्षत्रिय (3) ‘मुद्राराक्षस’ के अनुसार — वृषल (निम्न ग्रेड) (4) रोमिला थापर के अनुसार — वैश्य (5) सर्वाधिक मान्य मत — क्षत्रिय चन्द्रगुप्त मौर्य (322 ई.पू.–298 ई.पू.) का … Read more

महाजनपदों का उदय

महाजनपदों का उदय

छठी शताब्दी ई.पू. में पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बिहार में लोहे का अधिकाधिक इस्तेमाल होने लगा, इसके अतिरिक्त उपज में वृद्धि तथा अन्य आर्थिक परिवर्तनों के कारण ऋग्वैदिक कबीलायी जनजीवन में दरार पड़ने लगी और क्षेत्रीय भावना के जागृत होने से नगरों का निर्माण होने लगा। बुद्ध के समय (जन्म से पूर्व) 16 महाजनपदों … Read more

मगध राज्य का उदय

मगध राज्य का उदय

मगध राज्य के उत्कर्ष में मुख्यतः तीन वंशों का योगदान रहा— हर्यक वंश शिशुनाग वंश नंद वंश यह मगध का सबसे प्राचीन वंश था। इसके संस्थापक बृहद्रथ थे और जरासंध बृहद्रथ का पुत्र था। इसकी प्रारम्भिक राजधानी गिरिव्रज (राजगृह) थी। मगध राज्य के आरम्भिक इतिहास की जानकारी महाभारत से मिलती है। हर्यक वंश (544 ई.पू.–412 … Read more