विषय-प्रवेश : अखबार उठाइए और पढ़िए कि आतंकवादियों ने कश्मीर में तोड़-फोड़ की, इजरायल में तीन धमाके, अमेरिका निशाने पर। सच तो यह है आज बहुत सारे देश आतंकवाद से जूझ रहे हैं उनमें भारत सबसे ऊपर है।
आतंकवाद क्या है? : प्रश्न उठता है कि आतंकवाद है क्या? वस्तुतः आतंकवाद वह विचारधारा है जिसमें देश की मुख्यधारा से अलग रहकर अपनी राजनीतिक इच्छापूर्ति के लिए, तोड़-फोड़, लूट-पाट, हत्या, नरसंहार या आगजनी के कार्य लुक-छिपकर किए जाते हैं ताकि सरकार विकास कार्य न कर पाए और अन्ततः आर्थिक परेशानी एवं कानून और व्यवस्था के मोर्चे पर लगातार असफल होने से थककर आतंकवादियों की बात मान ले।
कारण : आतंकवाद के फैलने का मुख्य कारण है-गरीबी, भुखमरी, अशिक्षा और सबसे बढ़कर धार्मिक उन्माद। भुखमरी के कारण भोले-भाले युवक-युवतियाँ धन के लोभ में तोड़-फोड़, मारधाड़ के लिए तैयार होते हैं तब उन्हें धार्मिक उन्माद की शराब पिलाई जाती है, जिससे वे होश-हवाश खोकर आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त हो जाते हैं। कश्मीर में आतंकवाद का यही रूप है। यही कारण है कि वहाँ रुपया पानी की तरह बहाने पर भी अपेक्षित विकास नहीं हुआ है।
प्रभाव, समाप्त करने के उपाय: जनता को भी सहयोग करना चाहिए और आतंकवादियों के सम्बन्ध में कोई भी सूचना सरकार को तत्काल देनी चाहिए। राजनीतिक दलों को भी अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए ऐसे कार्य न करने चाहिए जिसकी ओट में आतंकवादियों को छूट मिले।
उपसंहार: यदि समय रहते शीघ्र कार्रवाई न की गई तो देश की अखंडता के लिए सबसे बड़ा खतरा दिनोंदिन बढ़ता जाएगा।